छत्तीसगढ़

नगरपालिका सारंगढ़ ने बुटीपारा में की सफाई

Shantanu Roy
29 Oct 2025 11:04 PM IST
नगरपालिका सारंगढ़ ने बुटीपारा में की सफाई
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Sarangarh Bilaigarh. सारंगढ़ बिलाईगढ़। कलेक्टर एवं प्रशासक नगरपालिका डॉ संजय कन्नौजे के निर्देश पर वार्ड नंबर 14, बुटीपारा का निरीक्षण ओआईसी डिप्टी कलेक्टर उमेश साहू सीएमओ ज्ञानपुंज कुलमित्र सहायक अभियंता महेंद्र पैंकरा उप अभियंता उत्तम सिंह कंवर के द्वारा किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में नगरपालिका परिषद सारंगढ़ की सफाई टीम ने तत्काल नाली एवं कचरे का सफाई किया। इस अवसर पर सफाई दरोगा गोपाल यादव, वाहन चालक नामदेव आदि उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को वरिष्ठ साहित्यकार और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बताया कि साहित्य जगत के दिग्गज रचनाकार श्री शुक्ल कुछ दिनों से अस्वस्थ हैं और रायपुर के एक निजी अस्पताल में उपचाररत हैं। उन्होंने विनोद जी के सुपुत्र शास्वत शुक्ल से फोन पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक हैं। उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को एक नई पहचान दी है और छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू को देशभर में फैलाया है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करते हुए कहा, “विनोद जी हमारे राज्य के गौरव हैं, मैं प्रभु श्रीराम से उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”
विनोद कुमार शुक्ल समकालीन हिंदी साहित्य के प्रमुख कथाकार, कवि और उपन्यासकारों में से एक हैं। वे अपनी अनोखी लेखन शैली, सादगी और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से व्यक्त करने के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में ’दीवार में एक खिड़की रहती थी’, ’नौकर की कमीज’, ’हरिया हरक्यूलिस की हैरानी’ जैसी कृतियाँ शामिल हैं, जिन्हें साहित्य जगत में विशेष स्थान प्राप्त है।
बता दें कि वर्ष 2023 में विनोद कुमार शुक्ल को हिंदी साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार उन्हें हिंदी भाषा में उनके दीर्घ साहित्यिक योगदान और मौलिक रचनात्मकता के लिए प्रदान किया गया था। छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों, पाठकों और प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से विनोद जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। राज्य के कई साहित्यिक संगठनों ने अस्पताल में जाकर उनके परिवार से हालचाल लिया और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।
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